हज्जतुल विदा (मुहम्मद का अंतिम हज्ज) से मिलने वाले उपदेश
मुहम्मद ने अपने मृत्यु से एक वर्ष पहले मदीने से मक्का की ओर यात्रा करते हुए हज्जतुल विदा किया। उस समय आपने अपनी ख़ौम के सामने महत्वपूर्ण भाषण दिया। इस भाषण का पहले वाक्य के सामने मुसलमानों के बीच स्थिर अन्याय, भेद-भाव, और हत्याचार दब जाता है। इस भाषण के अंतिम वाक्य नीग्रो मुस्लिम को राजा के समान मानता है। निश्चिंत रूप से इस भाषण ने संसार में सम्मान जनिक और न्याय पर आधारित व्यवहार के महान नियमों की स्थापना की है।

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