प्रसन्नता हम से बहुत ज्यादा निकट है।
अक्सर समय हम लोग प्रसन्नता की खोज मे रहते हैं जब कि वह हम से निकट है। जैसा कि अक्सर समय हम (ऐनक) चश्मा तलाश करते है जब कि वह हमरी आंखों के ऊपर होता है।

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