प्रसन्नता और शाँती के स्थंभ
वर्तमान काल में पश्चिम मुहम्मद कि तत्वदर्शता का ज्ञान प्राप्त करने लगा है। उनके धर्म से प्रेम करने लगा है। इसी प्रकार पश्चिम मध्यकाल में अपने कुछ वैज्ञानिकों की ओर से लगाये गये आरोपों से इस्लामी सिद्धांत को आज़ाद किया है। मुहम्मद का धर्म ही वह विधी होगा जिस पर प्रसन्नता और शाँति आधारित होगी। इसी धर्म के दर्शन ही पर सारी समस्याओं और दुविधाओं का समाधान है।

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