पिछडा संसार
मुसलमानों के लिए यह संभव है कि वे संसार में अपनी सभ्यता उसी गती से फ़ैला सकें, जिस गती से वे पूर्व काल में फ़ैलाए। शर्त ये है वे अपने पूर्व चरित्र की और लौट आयें। इसलिए कि यह पिछडा संसार उनकी सभ्यता कि शक्ती के सामने खडे होने की क्षमता नही रखता है।

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