ईशवर के अतिरिक्त किसी और की प्रार्थनानही।
इस्लाम के एकीकरण के नियम ने मुझे सोंचने पर मजबूर किया। इस्लाम का यही सबसे प्रमुख संदेश है। एकी करण के सिद्धांत ने मुझे एक ईशवर का भक्त बनादिया। मैं किसी मानव का भक्त नही हूँ। इस्लामिक एकी करण का सिद्धांत मानव को पवित्र बनाता है। किसी मानव के सामने झुकने से दूर रखता है। वास्तव में यही स्वतंत्रता है। क्योंकि एक ईशवर के अतिरिक्त किसी और के लिए प्रार्थना नही।

Related Posts


Subscribe