अनपढ रसूल
निस्संदेह बुद्धी इस विषय से परेशान रहजाती है कि एक अनपढ व्यक्ति से कैसे ख़ुरआन की यह आयतें (वाक्य) निकालना संभव है। पश्चिम के सारे लोगों ने यह माना है कि यह सारे वाक्य ऐसे हैं, जिन के शब्द और अर्थ के समान मानवीय बुद्धी लाने से असहाय है।

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